Mumbai, the city I was born in, that gave me everything is virtually in my blood. Of late, I've been missing my city so much! A city so iconic, so diverse, so endearing. This is a tribute to my city, my everything- Mumbai! Also, it's my first creative work in Hindi!
मुंबई, तेरी बहुत याद आती है - रिद्धिमा बसिया
सारा बचपन तेरी गोद में गुज़रा
अब एक अंजान शहर ने अपना सा बना लिया
पर तुझे थोड़ी है भुला दिया,
हर पल तेरी सड़के बुलाती है,
मुंबई, तेरी बहुत याद आती है।
तेरे समंदर की लहरें और तेज़ बारिश,
तेरी लोकल ट्रेनों और ट्रैफिक के किस्से सारी दुनिया बताती है।
मुंबई, तेरी बहुत याद आती है।
तेरी गलियों का वो स्वाद भरा खाना और प्यार से बनी कटिंग चाय,
मन में इच्छा जगाती है।
मुंबई, तेरी बहुत याद आती है
तेरी संस्कृति और विविधता की तुलना नहीं की जा सकती है,
तेरे लोगो के धैर्य, साहस और उत्साह की मिसाल दी जाती है,
मुंबई, तेरी बहुत याद आती है
तू एक माँ है जो अपनी कमी महसूस कराती है,
एक दोस्त जो कभी नहीं भुलाती है।
मुंबई, तेरी बहुत याद आती है।
कभी फिर मिलना होगा, खूब हसेंगे, खूब घूमेंगे,
पुरानी बाते याद करेंगे।
अपने चुटकुले फिर से बाटेंगे,
जैसे एक माँ और बेटी समय बिताती है।
मुंबई तेरी बहुत याद आती है।
धन्यवाद
Note: Please do not share or reproduce without permission or tagging as this is my original work.
